ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5°C तक सीमित रखना क्यों है ज़रूरी?

UN एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP) ने कहा है कि अगले कुछ वर्षों में पृथ्वी का तापमान 1.5°C की सीमा पार कर सकता है। बकौल UNEP, तापमान बढ़ने को सीमित करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी भी जलवायु से जुड़े जोखिमों को बढ़ा देती है। इससे हीटवेव, भारी बारिश, सूखे और दूसरी मौसमी घटनाओं की तीव्रता बढ़ सकती है।

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