वृंदावन (यूपी) से 22-किलोमीटर दूर गोवर्धन पर्वत की लोग परिक्रमा करते हैं। भगवत गीता के अनुसार, गोवर्धन महाराज को श्रीकृष्ण का प्रतिरूप माना जाता है। मान्यता है, गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। परिक्रमा के दौरान 21 किलोमीटर तक नंगे पैर चलना होता है जिसमें 10-12 घंटे लग जाते हैं।