चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले 'सूतक काल' शुरू हो जाता है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा के सक्रिय होने के चलते लोग शुभ कार्यों से परहेज़ करते हैं और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। आज बद्रीनाथ, केदारनाथ और अन्य मंदिरों के कपाट दोपहर लगभग 12:58 बजे बंद कर दिए गए।