चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर नामकरण का निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईएयू) करता है जिसके भारत समेत 92 सदस्य देश हैं। सुझाए शब्दों को आईएयू की प्लेनेटरी सिस्टम नॉमनक्लेचर की कार्यसमिति के पास भेजा जाता है और सदस्यों की वोटिंग में मंज़ूरी मिलने पर नाम आधिकारिक माना जाता है। 3-महीने के अंदर सदस्य नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।