जंतर-मंतर कैसे बना देश में विरोध-प्रदर्शनों का सबसे बड़ा केंद्र?
1724 में खगोलीय वेधशाला के रूप में बनाया गया जंतर-मंतर 1990 के दशक में विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र बन गया। इससे पहले, दिल्ली में अधिकांश प्रदर्शन इंडिया गेट के आसपास होते थे। संसद और प्रमुख सरकारी दफ्तरों के नज़दीक होने के कारण 1990 के दशक की शुरुआत तक जंतर-मंतर राजधानी का आधिकारिक प्रदर्शन स्थल बन गया।