जंतर-मंतर पर ही क्यों होता है प्रदर्शन? कब और कैसे मिलती है प्रोटेस्ट की मंजूरी?
जंतर-मंतर को 1993 में दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए चुना गया था। इससे पहले इंडिया गेट के पास बोट क्लब प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र था लेकिन बड़े आंदोलनों से व्यवस्था प्रभावित होने के कारण इसे बदलना पड़ा। वहीं, जंतर-मंतर पर अधिकतम 1,000 लोगों के प्रदर्शन के लिए नई दिल्ली ज़िला DCP को कम-से-कम 10 दिन पहले आवेदन करना होता है।