जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं तो क्यों त्योहार कम एंजॉय करने लगते हैं?
मनोचिकित्सक देवाशीष पालकर ने 'जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं तो क्यों त्योहार कम एंजॉय करने लगते हैं' का जवाब दिया है। उन्होंने बताया, "इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण हैं...पहला- नॉसटेलजिया इफेक्ट...दूसरा- जब हम बच्चे थे तो कल की चिंता किए बिना एंजॉय करते थे और तीसरा- हेडोनिक एडेप्टेशन (जैसे हम एडल्ट होते हैं तो हमारे सकारात्मक अनुभव अल्पावधि हो जाते हैं)।