जिसे डॉक्टर ने कहा 'जीने को 3 घंटे बचे हैं' उसने खड़ी की गेमिंग कंपनी, 17 साल बाद बना करोड़पति

वीडियो गेम डेवलपर-पब्लिशर 'सेरेनिटी फॉर्ज' के फाउंडर-सीईओ ज़ेंगहुआ यांग को 2008 में 18-साल की उम्र में दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी के चलते डॉक्टर्स ने कहा था कि उनके पास जीने को 3-घंटे बचे हैं। वह ठीक हुए और 2-साल अस्पताल में भर्ती रहकर वीडियो गेम्स खेले। बाद में उन्होंने 'सेरेनिटी फॉर्ज' की स्थापना की जिसने $10-15 मिलियन/वर्ष कमाकर उन्हें करोड़पति बनाया।

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