जौहर प्रथा को मुख्यत: राजपुताना आन-बान से जोड़ा गया है जिसका ज़िक्र इतिहास के पन्नों में भी है। मध्यकालीन भारत में युद्ध में हार निश्चित होने पर कई राजपूत महिलाएं सामूहिक आत्मदाह कर लेती थीं जिसे जौहर कहा जाता था। वहीं, सती प्रथा में पति की मौत के बाद महिला को उसकी चिता के साथ ज़िंदा जला दिया जाता था।