जब न बैंक था, न UPI… 800 साल पहले ऐसे चलता था भारत का पेमेंट सिस्टम
भारत में पैसा भेजने का इतिहास सदियों पुराना है। 12वीं सदी में बिना नकद सुरक्षित लेनदेन के लिए हुंडी का इस्तेमाल होता था। अंग्रेज़ों के ज़माने में 1935 में RBI की शुरुआत हुई। आज़ादी के बाद बैंकों के राष्ट्रीयकरण, RTGS, NEFT और IMPS से डिजिटल क्रांति आई। 2016 में लॉन्च UPI ने देश में कैशलेस ट्रांसफर को आसान बना दिया।