जब साइकिल के लिए भी बनवाना पड़ता था लाइसेंस, 1 साल की होती थी वैलिडिटी; चुकानी पड़ती थी फीस
न्यूज़ 18 के मुताबिक, ब्रिटिश काल से लेकर आज़ादी के बाद कई दशकों तक भारत के अधिकतर शहरों/कस्बों/गांवों में साइकल रखने-चलाने के लिए भी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस लेना अनिवार्य था। नगर पालिका, पंचायत समिति या कैंटोनमेंट बोर्ड इसकी अनुमति देते थे और लाइसेंस की वैलिडिटी एक साल की होती थी और इसके लिए ₹2 फीस देनी पड़ती थी।