जाति व पंथ के ऊपर हमारी पहचान है भारत का नागरिक होना: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के अलावा हमारी अपने परिवार और कार्य-क्षेत्र से जुड़ी पहचान भी होती है।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन हमारी एक पहचान ऐसी है जो इन सबसे ऊपर है और हमारी वह पहचान है, भारत का नागरिक होना।"