साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर नेहा मेहता ने बताया है कि लोगों से आंख मिलाने में या बात करने में बहुत घबराना, पार्टियों या समारोहों में कटकर रहना और अपोज़िट जेंडर से बात करने में शर्म महसूस करना सोशल एंग्ज़ाइटी के लक्षण हैं।डॉक्टर ने बताया कि इससे पीड़ित लोगों को मीटिंग में जाने से डर लगता है और उन्हें पसीना आने लगता है।