डकैत से महर्षि बने रत्नाकर का नाम कैसे पड़ा था वाल्मीकि?
पौराणिक मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि पहले रत्नाकर के नाम से जाने जाते थे और डकैती व लूटपाट करते थे। नारद मुनि से मिलने के बाद उन्होंने गलत रास्ता त्यागने का मन बनाया और कठिन तपस्या की। कई वर्षों तक तपस्या के दौरान उनके शरीर पर दीमकों और चीटियों ने टीले बना लिए थे जिसके बाद उनका नाम 'वाल्मीकि' पड़ा।