तोते की श्वासनली में एक अत्यधिक विकसित सिरिंक्स होता है जिसके ज़रिए वह मनुष्य की आवाज़ की नकल करते हैं। हालांकि, तोते यह नहीं जानते हैं कि वह क्या बोल रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तोते अधिकतर शब्दों के अर्थ नहीं समझते हैं लेकिन वे शब्दों के आसपास के संदर्भ से ज़रूर अवगत होते हैं।