दुकानों और रेस्टोरेंट में कैसे QR कोड क्लोन कर ठगी करते हैं जालसाज़?
दुकानों-रेस्टोरेंट में जालसाज़ असली QR-कोड के ऊपर नकली QR-स्टिकर चिपकाकर ठगी कर रहे हैं। ग्राहक जब स्कैन कर पेमेंट करता है तो पैसा दुकानदार के बजाय सीधे ठग के अकाउंट में चला जाता है। ऐसे मामलों में ऐप सामान्य तरीके से काम करता है इसलिए लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं। ऐसे में डिजिटल QR-डिसप्ले ज़्यादा सुरक्षित होते हैं।