डब्ल्यूएचओ की 'फ्रॉम लोनलीनेस टू सोशल कनेक्शन' रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का हर छठा इंसान अकेलेपन से जूझ रहा है। इसका सीधा असर मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और साल 2014-2019 के बीच इससे दुनियाभर में हर साल औसतन 8.71 लाख लोगों की मौत हुई। यह समस्या किशोरों और युवाओं में सबसे ज़्यादा (क्रमश: 20.9% व 17.4%) देखी गई।