दिमाग में कई वर्षों तक रहता है कोरोना वायरस: रिसर्च
हेल्महोल्ट्ज़ म्यूनिख और लुडविग-मेक्सिमिलियन्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की रिसर्च के मुताबिक, कोविड-19 का कारण बने SARS-CoV-2 वायरस का असर शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग पर लंबे समय तक रहता है। बकौल रिसर्च, इस वायरस का स्पाइक प्रोटीन संक्रमित होने के बाद वर्षों तक दिमाग की सुरक्षा परत और खोपड़ी की हड्डी के अंदर मौजूद अस्थि मज्जा में बना रहता है।