नेपाल में पहाड़ से 4,000 फीट नीचे गिरा ग्लेशियर तो क्यों मान लिया गया भूकंप?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, नेपाल में लांगटांग लिरुंग पर्वत पर करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ग्लेशियर का एक हिस्सा 4,000-फीट नीचे घाटी में गिरा जिससे तिब्बत-नेपाल में बाढ़ आई। इससे इतनी ऊर्जा पैदा हुई कि USGS ने इसे पहले 4.4-तीव्रता का भूकंप माना। इससे पैदा हुई ऊर्जा हिरोशिमा परमाणु विस्फोट की करीब 6.3% बताई जा रही है।