न्यूरोसर्जन ने बताया कैसे कॉन्सर्ट में ईयरप्लग्स लगाकर डिमेंशिया से किया जा सकता है बचाव

न्यूरोसर्जन डॉक्टर रूपा जुथानी ने बताया कि थोड़े समय के लिए भी तेज़ आवाज़ के संपर्क में आने से कान की नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। 85dB से अधिक का ध्वनि स्तर सुनने की क्षमता कमज़ोर करता है और डिमेंशिया के खतरे को बढ़ाता है। बकौल डॉक्टर, कॉन्सर्ट्स जैसी जगहों पर ईरप्लग्स लगाकर खतरे को कम किया जा सकता है।

Load More