न स्लेट, न कॉपी, न महंगे गैजेट्स, 85 वर्षीय दादी के रेत पर बच्चों को पढ़ाने का अंदाज़ जीत रहा दिल
केरल की 85-वर्षीय इंदिरा अम्मा बच्चों को रेत पर अक्षर लिखकर पढ़ाती हैं और लोग उन्हें प्यार से आशाट्टी अम्मुम्मा भी बुलाते हैं। बच्चे कोई स्लेट/कॉपी/गैजेट्स इस्तेमाल नहीं करते हैं। आलप्पुझा ज़िले में रहने वाली इंदिरा अम्मा पिछले 10-साल से बच्चों को मलयालम/हिंदी/अंग्रेज़ी/गणित सिखा रही हैं। उनका यह तरीका केरल की पारंपरिक शिक्षण पद्धति 'आशान कलारी' से जुड़ा है।