नहाय-खाय में कद्दू भात का प्रसाद क्यों है खास? जानें इस दिन क्या है विशेष नियम
छठ पर्व 'नहाय-खाय' के साथ शुरू हो गया है। आज के दिन 'कद्दू-भात' या 'लौकी-भात' (मुख्य रूप से अरवा चावल और चने की दाल व कद्दू/लौकी की सब्ज़ी) खाते है क्योंकि यह सात्विक भोजन है। कद्दू/लौैकी में पानी की काफी मात्रा होती है जो 36 घंटे का निर्जला उपवास से पहले व्रती के शरीर को पर्याप्त पानी/उर्जा/पोषक तत्व देता है।