पीएम मोदी जिस ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में गए वहां प्रसाद में क्यों चढ़ता है नॉन-वेज?
कोलकाता के प्राचीन मंदिरों में से एक ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में काली की पूजा की जाती है। यहां मांसाहारी प्रसाद 'डाब-चिंगरी' चढ़ाने की परंपरा है। माना जाता है कि रामकृष्ण परमहंस ने ब्रह्मानंद केशव चंद्र सेन के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए इसकी शुरुआत की थी। रामकृष्ण के बीमार पड़ने पर उनके अनुयायियों ने यह प्रसाद चढ़ाया था।