प्रेमानंद महाराज ने 'पाप का पैसा मंदिर में चढ़ाने से क्या भगवान खुश होंगे?' का दिया जवाब
प्रेमानंद महाराज ने कहा है, "पाप से कमाए धन से मंदिर बनाने से पाप बढ़ेगा। यह दुर्गति का कारण बनेगा। इससे भगवत सेवा नहीं हो सकती।" उन्होंने कहा, "सेवा में मुख्यतम भाव होता है। बुरी कमाई कभी अच्छे भाव नहीं आने देगी। 'अब पाप नहीं करूंगा' ठानकर भगवान की सेवा में लगाए तो भगवान की शरणागति को प्राप्त कर लेंगे।"