पुरुषों में प्रदूषण से नपुंसकता व महिलाओं में ट्रैफिक के शोर से बांझपन का खतरा बढ़ता है: स्टडी
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, लंबे समय तक पीएम-2.5 प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले पुरुषों में नपुंसकता का खतरा जबकि रोड ट्रैफिक के शोर से महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ सकता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बांझपन एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है जिससे प्रजनन आयु के हर 6 लोगों में से एक शख्स प्रभावित है।