पति के प्रति 'कर्तव्यों' को पूरा न करने वाली मां के साथ बच्चे का भविष्य सुरक्षित नहीं: पुणे कोर्ट
पुणे की एक अदालत ने 10-वर्षीय लड़के की अंतरिम कस्टडी उसके पिता को सौंपी है। बकौल अदालत, एक महिला से उम्मीद होती है कि वह पति का शारीरिक-भावनात्मक रूप से ख्याल रखे और अगर वह ये 'पवित्र कर्तव्य' पूरे नहीं करती तो बच्चे का भविष्य उसके साथ 'सुरक्षित' नहीं। कोर्ट के मुताबिक, इस केस में 'अधिकतर' गलती महिला की है।