पर्सनल लोन के लिए पार्ट-पेमेंट या प्री-पेमेंट में से क्या चुनें, क्या है दोनों में अंतर?
पसर्नल लोन के तहत जब बकाया लोन की एकमुश्त बड़ी राशि जमा कराई जाती है जो नियमित ईएमआई से अधिक है उसे पार्ट-पेमेंट कहते हैं। वहीं, लोन अवधि खत्म होने से पहले पूरी बकाया राशि चुकाना प्री-पेमेंट है। पार्ट-पेमेंट से ब्याज और लोन की अवधि कम होती है जबकि प्री-पेमेंट से ईएमआई जैसे झंझट से मुक्ति मिलती है।