राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भोजपुरी स्टार पवन सिंह को नजरअंदाज़ करना किसी दल के लिए आसान नहीं है। पवन का आरा, काराकाट, औरंगाबाद और बक्सर सीट में काफी अच्छा प्रभाव है और उनकी बगावत के कारण पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा को भारी नुकसान हुआ था। आगे राजपूत-कोइरी समाज के साथ आने से राजनीतिक फायदा होगा।