पहली शादी के रहते दूसरी शादी करना रेप के समान है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहली शादी के रहते दूसरी शादी करने वाले एक शख्स के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार कर कहा है कि उसका आचरण रेप के समान है। एफआईआर के मुताबिक, उसने एक महिला से 2014 में शादी की और जनवरी 2016 तक उसके साथ रहा। इसके बाद वह महिला को छोड़कर पहली पत्नी के पास चला गया।