बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे खामेनेई, वसीयत को लेकर सामने आया बड़ा दावा
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अपनी वसीयत में बेटे मोजतबा को उत्तराधिकारी न बनाने की बात कही थी क्योंकि उन्हें उसके अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर संदेह था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दबाव में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा को सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया।