बिना रिज़्यूमे, 10 मिनट की बातचीत से नौकरी देता है फाउंडर, बताया 'कौनसी चीज़ें रखती हैं मायने'
एक कंपनी के फाउंडर ने बताया है कि उन्होंने कभी रिज़्यूमे के आधार पर किसी को नौकरी नहीं दी है। अपनी हायरिंग प्रोसेस बताते हुए उन्होंने कहा, "इंटरव्यू के पहले 10-15 मिनट उम्मीदवार से बिना तय सवालों के बातचीत करता हूं। अगर 'वाइब' मेल खाती है और उम्मीदवार में 'हाई एजेंसी' दिखती है तो उसे नौकरी दे दी जाती है।"