गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मेहरनोश टाटा के अनुसार, ब्याज दर बढ़ने पर जिन लोगों की आमदनी स्थिर है और जिनके मासिक बजट में पर्याप्त गुंजाइश है वे EMI बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिनके लिए हर महीने ज़्यादा किस्त चुकाना मुश्किल है, उनके लिए लोन की अवधि बढ़ाना व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।