बुर्का पहनी औरत की जिंदगी बनी नर्क, पहले बनी अपने ही शौहर की मां, फिर बहु
नई दिल्ली: एक महिला का जीवन इतना साधारण नहीं होता है, जितना की पुरुष का होता है. बचपन से ही उसे सिखाया जाता है कि उसका पूरा जीवन उसके पति के इसारे पर चलेगा. मायके में अपने पिता और भाई के हिसाब से जीवन जीती है और शादी होने के बाद पति के हिसाब से. अगर महिला आत्मनिर्भर नहीं है.