बिलों पर निर्णय लेने के लिए समयसीमा तय करते समय SC ने दिया पाकिस्तान के संविधान का उदाहरण
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपालों और राष्ट्रपति द्वारा बिलों पर निर्णय लेने की समयसीमा तय करते हुए पाकिस्तान और अमेरिका के संविधानों का उदाहरण दिया। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला ने कहा, "उदाहरण के लिए...पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद-75 या अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-1, खंड-7 के अनुसार, अगर राष्ट्रपति निर्धारित समयसीमा में फैसला नहीं लेते तो विधेयक को पास मान लिया जाता है।"