पौराणिक कथाओं के अनुसार, पांडु-पुत्र भीम के पोते बर्बरीक ने श्रीकृष्ण को शीश दान किया था जिसके बाद उनका नाम खाटू श्याम पड़ा था। दरअसल, बर्बरीक की मां ने महाभारत युद्ध में उनसे 'जो पक्ष हार रहा हो उसका साथ देने' का वचन लिया था। वह कौरव की तरफ से न लड़ें इसलिए श्रीकृष्ण ने उनसे शीश दान मांगा था।