भारत-US संधि में क्या हैं नियम जिनके कारण टल सकता है लॉरेंस बिश्नोई के US प्रत्यर्पण का फैसला

भारत और अमेरिका के बीच 25 जून, 1997 को हुई द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि गंभीर अपराधों के आरोपियों या दोषियों के प्रत्यर्पण को नियंत्रित करती है। संधि का अनुच्छेद-14 भारत को यह विकल्प देता है कि वह या तो बिश्नोई को अस्थायी रूप से अमेरिका को सौंप दे या भारत में चल रहे मुकदमों के खत्म होने तक प्रत्यर्पण टाल दे।

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