भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची से क्यों हटा दिए थे लाखों महिलाओं के नाम?
भारत के प्रथम आम चुनाव से पहले करीब 28-लाख महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। दरअसल, सामाजिक परंपराओं के कारण कई महिलाएं अपना नाम किसी की पत्नी/मां के रूप में दर्ज करा रही थीं। पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन ने हर मतदाता का व्यक्तिगत नाम दर्ज करना अनिवार्य बताते हुए ऐसे नाम हटाने का फैसला किया।