भारत 5 खतरनाक हाइपरसोनिक मिसाइलें बना रहा है जिनमें हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (एचएसटीडीवी), ब्रह्मोस-II, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर), शौर्य और हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (एचजीवी) शामिल हैं। एचएसटीडीवी 2020 में पहली बार सफल उड़ान भर चुका है और 2026 तक भारत के पास अपनी पहली हाइपरसोनिक मिसाइल होगी। डीआरडीओ हाइपरसोनिक तकनीक पर ₹3,000-₹5,000 करोड़ तक निवेश कर रहा है।