भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को PCB की गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है, जो कम से कम 2027 के मध्य तक बनी रह सकती है। AI सर्वर की बढ़ती मांग, कॉपर-क्लैड लैमिनेट की कीमतों में 300% वृद्धि और कच्चे माल की किल्लत इसके मुख्य कारण हैं। स्मार्टफोन, टीवी और ऑटोमोबाइल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।