भारतीय शेयर बाज़ार हो रहा आत्मनिर्भर, 13 साल में सबसे कम हुई विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, एनएसई में लिस्टेड कंपनियों में घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 18.26% हो गई जो अबतक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 16.71% रह गई जो पिछले 13 सालों में सबसे कम है। इस बदलाव के पीछे म्यूचुअल फंड्स में लोगों का बढ़ता भरोसा एक बड़ी वजह माना जा रहा है।