भारतीय सेना से कैसे अलग है टेरिटोरियल आर्मी और कब पड़ती है इसकी ज़रूरत?
टेरिटोरियल आर्मी भारत का एक पार्ट-टाइम सैन्य बल है जिसका उद्देश्य नियमित सेना पर बोझ कम करना है। किसी अन्य पेशे में कार्यरत सामान्य नागरिक इसका हिस्सा होते हैं और ज़रूरत पड़ने पर सैन्य ड्यूटी निभाते हैं। 1962, 1965, 1971 के युद्धों में इसका इस्तेमाल हुआ था। इसमें अन्य सैन्य बलों की तरह ही सम्मान, रैंक, और मेडल्स मिलते हैं।