भारत में नशे में वाहन चलाने को लेकर नाबालिगों और वयस्कों के लिए क्या हैं कानून?
मोटर वाहन अधिनियम के मुताबिक, अगर वाहन चलाते समय किसी वयस्क के खून में अल्कोहल की मात्रा तय मानक (30 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर) से अधिक पाई गई तो उसे सज़ा भुगतनी होगी। इस मामले में वाहन से मौत की स्थिति में दोषी को जेल की सज़ा हो सकती है। नाबालिग होने पर उसका अभिभावक या वाहन का स्वामी दोषी ठहराया जाएगा।