भाषाएं धर्मों पर नहीं क्षेत्रों पर आधारित होती हैं, उर्दू और हिंदी बराबर थीं: जावेद अख्तर
लेखक व गीतकार जावेद अख्तर ने कहा है कि 200 साल पहले हिंदी व उर्दू बराबर थीं और अंग्रेज़ों ने राजनीतिक कारणों से इन्हें बांटा था। उन्होंने कहा कि भाषाएं धर्मों पर नहीं क्षेत्रों पर आधारित होती हैं। अख्तर ने कहा कि उर्दू को मुस्लिम समुदाय व हिंदी को हिंदू समुदाय की भाषा बताना गलत है।