मिडल ईस्ट युद्ध में पानी को क्यों बनाया जा सकता है टारगेट?
मिडल ईस्ट युद्ध के बीच खाड़ी देशों में पेयजल के प्रमुख स्रोत डिसैलिनेशन प्लांट्स संभावित निशाना बन सकते हैं। युद्ध में मिसाइलों-ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और इन प्लांटों को छिपाना मुश्किल है। तेल से जुड़े प्रतिष्ठानों पर हमला बाज़ार-ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करता है और पानी की आपूर्ति से जुड़े सिस्टम सीधे नागरिकों को प्रभावित करते हैं।