मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन क्यों नहीं खाते हैं चावल?
मान्यता के अनुसार, माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने एकादशी के दिन अपना शरीर त्यागा था। मान्यता है कि उनके अंश पृथ्वी में समा गए और बाद में महर्षि चावल और जौ के रूप में उत्पन्न हुए इसलिए एकादशी को चावल खाना मना है और इस दिन चावल को मांस के बराबर माना जाता है।