मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर चांद न दिखे तो व्रती चंद्रोदय समय के बाद मंदिर में भगवान शिव के माथे पर लगे चंद्रमा को अर्घ्य देकर करवा चौथ का पारण करके व्रत पूरा कर सकते हैं। वहीं, चंद्रोदय समय के बाद चांदी के एक सिक्के को चंद्रमा मानकर उसकी पूजा करके भी व्रत को पूरा किया जा सकता है।