मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ में क्यों इस्तेमाल किया जाता है नारियल?
मान्यता है कि भगवान विष्णु धरती पर अवतरित होते समय मां लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष और कामधेनु को अपने साथ ले आए थे। नारियल के पेड़ को कल्पवृक्ष भी कहा जाता है जिसमें त्रिदेव बह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। इसके अलावा नारियल पर बने तीन चिह्न की तुलना भगवान शिव के त्रिनेत्र से की जाती है।