मिर्ज़ा जान-ए-जान थे अकबर के निजी दर्जी, बेगमों और हरम की महिलाओं के बनाते थे कपड़े
इतिहासकारों के अनुसार, मुगल बादशाह अकबर ने मिर्ज़ा जान-ए-जान को अपना निजी दर्जी नियुक्त किया था। मिर्ज़ा ना सिर्फ अकबर के बल्कि उनकी बेगमों और हरम की महिलाओं के भी कपड़े सिलते थे। शाही दरबार की रवायत थी कि कोई भी पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़ों की नाप नहीं लेगा इसलिए मिर्ज़ा नाप के लिए उनके पुराने कपड़े लेता था।