महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तहसीलों को आधिकारिक तौर पर 'सूखाग्रस्त' घोषित किया है। इससे राज्य का लगभग 74% हिस्सा प्रभावित हुआ। यह फैसला जून-सितंबर के बीच बारिश में 18.8% की कमी और लंबे समय तक सूखा रहने के कारण लिया गया जिससे प्रमुख कृषि क्षेत्रों में खरीफ की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हुई हैं।