महात्मा गांधी को गोली मारे जाने के बाद क्या-क्या हुआ था?
दिल्ली में 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी। हिरासत में लिए जाने से पहले भीड़ ने गोडसे को पीटा था। मई 1948 में लाल किले (दिल्ली) में मामले की सुनवाई शुरू हुई और अदालत ने 149 गवाहों को सुना था। फरवरी 1949 में गोडसे और उसके सहयोगी नारायण आप्टे को सज़ा-ए-मौत दी गई।